सनातन धर्म और हम

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै न काराय नमः शिवाय॥

समस्त विश्व के भिन्न-भिन्न स्थानों पर भाँति-भाँति के शिवलिङ्ग प्राप्त होते रहे हैं।

ये शिवलिङ्ग इस बात के अकाट्य प्रमाण हैं कि प्रागैतिहासिक काल में सम्पूर्ण विश्व शैव परम्परा से ही दीक्षित थे।

देवाधिदेव महादेव ही उन सभी के आराध्य देव रहे हैं।

भगवान शिव की आराधना ही उनके जीवन के आध्यात्मिक उत्थान, सार्थकता और समृद्धि का आधार रहा था।

जिस अतिदुर्लभ शिवलिङ्ग को आप देख रहे हैं, यह शिवलिङ्ग सहस्रों वर्ष प्राचीन है।

यह शिवलिङ्ग सिरिबों, पश्चिमी जावा, इंडोनेशिया का है।
(चित्र-साभार)

इंडोनेशिया विश्व में जनसंख्या % की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा इस्लामी देश है।

यह शिवलिङ्ग इसके प्रमाण हैं कि एशिया, यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका महाद्वीप हो या इंडोनेशिया, वियतनाम, मलेशिया अरब, इत्यादि देश, चहुँ ओर बस सनातन धर्म ही था।

बस एक सत्य सनातन और कोई नहीं.....!!

अद्भुत विश्व सनातन धरोहर...!!

ॐ नमः परम् शिवाय 🚩

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

Comments

Popular posts from this blog

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम