सनातन धर्म और हम
जिन तथाकथित 'फेमिनिस्ट' & 'वोक्स' /लिब्रांड/वामी/कामी को लगता है कि....
वैदिक सनातन परंपरा में महिलाओं को अधिकार नहीं था।
वे इन वास्तु शिल्पों में निर्मित भाव भंगिमाओं को देखें,
उनके ज्ञानचक्षु खुल जाएँगे कि...
जितना सम्मान और अधिकार नारी को सनातन परंपरा में रहा...
किसी और पन्थ-मजहब में नहीं दिया गया।
क्योंकि सनातनी मन्दिरों में उत्कीर्ण ये मूर्तियाँ समसामयिक विषयों और समाजिक जीवन के प्रतिबिंब हैं।
परंतु क्या कहें, बात वही है कि "अंधे आगे नाचते कला अकारथ जाय"...
जिस प्रकार उल्टे घड़े पर जल डालने से ऊर्जा क्षरण के अतिरिक्त और कुछ प्राप्त नहीं होता उसी प्रकार इन मूढ़मति को कितने ही प्रमाण दे दो ये सुधरने वाले नहीं.!!
तो इन अधम को इसके हाल पर छोड़ देना ही श्रेयस्कर होगा.!
सनातन धर्म सदा सर्वदा से ही जयतु है और जयतु ही रहेगा.!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय महाकाल 🙏🌺🚩
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