सनातन धर्म और हम

श्री पद्मनाभस्वामी मन्दिर, केरल, सम्पूर्ण विश्व में सबसे धनी सनातनी आध्यात्मिक स्थल, मन्दिर और साधना केन्द्र है।

इसकी सम्पदा का अनुमानतः १.२ लाख करोड़ या १.२ ट्रिलियन (US$ 17 BILLION) लगाया गया है।

प्रति वर्ष ग्रीष्म विषुव (summer equinox) में सूर्य की किरणें सीधी रेखा में गमन करते हुए मन्दिर के केंद्रीय "गोपुरम" से एक समान समय अंतराल के पश्चात निकलती हैं।

इस केंद्रीय गोपुरम का निर्माण सहस्रों वर्ष पूर्व किया गया है जो १०० फीट (३० मीटर) का है।

अब सोचिए वर्तमान आधुनिक काल में भी अधिकांश लोगों को विषुव (equinox) और अयनांत (solastice) का ज्ञान नहीं होता है तो उस काल में किस उत्कृष्ट ज्ञान और उपकरणों का उपयोग कर इस अद्वितीय मन्दिर को बनाया गया होगा.??

हमारे पूर्वजों ने पुरातन काल में ही पृथ्वी का आकार, पृथ्वी के अक्ष, पृथ्वी के घूर्णन गति, अक्ष के झुकाव (inclination of earth axis) और अंडाकार कक्षा (elliptical orbit) के रहस्यों को सुलझा लिए थे।

उनके लिए अंतरिक्ष का कोई भी रहस्य अज्ञात नहीं था।

इस प्रकार का कॉस्मिक संलयन (cosmic fusion) किसी भी स्थापत्य संरचना में सम्पूर्ण विश्व में आप दूसरा नहीं ढूंढ पाएँगे।

परंतु वामी/लिब्रानड/कांगी/सिकुलर आज भी नवान्वेषण/शोध/अनुसंधान को पश्चिमी देशों का ही मानकर समाज को दिग्भ्रमित करने में लगा हुआ है।
(चित्र संकलन श्रेय - मित्रगण)

अद्वितीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय श्री पद्मनाभ स्वामी 🙏🌺

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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