सनातन धर्म और हम
सनातनी शिल्पकारों के हाथों निर्मित अकल्पनीय "मास्टर-पीस"...!!
आश्चर्यजनक है कि जिसकी प्रतिकृति को कागज पर भी उतारना असम्भव प्रतीत होता है उसे सनातनी पूर्वजों ने बिना किसी "कम्प्यूटर-ग्राफिक्स" के इतनी सटीकता से सहस्रों वर्ष पूर्व ही कैसे बनाए होंगे..!!
(चित्र - साभार)
ये शिल्प इस बात के प्रमाण हैं कि सनातन संस्कृति का दृढ़तापूर्वक अनुसरण करने से कितना अद्वितीय सृजन किया जा सकता है।
यह वास्तुशिल्प इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सनातनी शिल्पकारों के निपुणता उत्कृष्टता कर्मठता व एकाग्रता की तुलना में कोई और सम्पूर्ण समकालीन विश्व में किसी भी पंथ मजहब में था ही नहीं।
सनातन धर्मनिष्ठ/शास्त्रनिष्ठ होना ही सभी समस्याओं वर्तमान काल में भी निदान है।
श्री चेन्नाकेशवा मन्दिर, बेलूर, कर्नाटक।
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय श्रीमन्नारायण 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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