सनातन धर्म और हम
वरदराज पेरुमल मन्दिर को जिस ओर से भी देखें एक अद्भुत रोमांच होता है।
क्या हमारे पूर्वज किसी दिव्य शक्ति से परिपूर्ण थे जिससे उन्होंने एक ही पाषाण शिला से ऐसा नयनाभिरामी खम्भों को बनाए हैं??
याद रखें ग्रेनाइट सबसे कठोर पत्थर है।
(MOH's scale - 8)
मुख्यतः इस लटकते हुए कड़ी की शृंखला को बिना किसी जोड़ के कैसे निर्माण किये होंगे??
ऐसा कड़ी का माला सभी १०० खम्भों पर निर्मित है।
जब इसे बनाना आज आधुनिक युग में असम्भव है तो पन्द्रहवीं शताब्दी में इसका निर्माण किस तकनीक से हुआ होगा??
आज के आधुनिक विज्ञान को भी यह सोचने को विवश कर देती है।
वरदराज पेरुमल मन्दिर, काँचीपुरम, तमिलनाडु।
(चित्र – साभार)
अतुलनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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