सनातन धर्म और हम

दक्ष यज्ञ विध्वंस और माता सती के आत्मदाह करने के उपरांत परमपिता परमेश्वर शिव के द्वारा माता के निष्प्राण देह को अपने स्कंध पर उठा कर रुद्र तांडव से सृष्टि त्राहिमाम कर उठी।

सृष्टि की रक्षा करने हेतु श्री हरि नारायण ने अपने सुदर्शन चक्र से उस निष्प्राण देह को खंड में विभाजित कर दिया।

ये सभी खंड जहाँ - जहाँ गिरे वहाँ आज भी जागृत शक्ति - पीठ है।

उसी निष्प्राण देह का एक खंड श्रीलंका में भी गिरा था।

श्री मुन्नेश्वरम देवस्थानम,
महा देवालयम, वरियापोला रोड, श्रीलंका।
(चित्र - साभार)

यह श्रीलंका के सबसे उन्नत और जागृत मन्दिर माना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि यह ५१ शक्तिपीठों में से एक हैं जहाँ माँ सती के कमर का अंश गिरा था।

यहाँ के शिवलिङ्गम के साथ मेरु-यन्त्र संयुक्त हैं जो देवाधिदेव शिव व माँ शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अद्भुत विश्व सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय माँ भवानी🙏🌺

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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