सनातन धर्म और हम

जिसे देखते ही दर्शक के पाँव ठहर जाए...
जिसे देखते ही दर्शक के विचारों का प्रवाह रुक जाए...
जिसे देखते ही दर्शक के नेत्र ठहर जाए...
जिसे देखते ही दर्शक अचंभित हो जाए...
जिसे देखते ही दर्शक का रोम रोम रोमांच से भर जाए...

ऐसा सनातनी शिल्पकरों के ही कृति के साथ हो सकता है.!!!

कितना जीवंत कलाकृति है ये.!!!

जिन्होंने इसे निर्मित किए होंगे उनके हाथों के उत्कृष्ट शिल्पकला के विलक्षण योग्यता की कल्पना करें.!!!

आप सोचकर ही पुलकित रोमांच का अनुभव करेंगे.!!!

यह कलाकृति नर्मदा नदी के किनारे श्री महेश्वर शिव मन्दिर में निर्मित है। (चित्र - साभार)

इस मूर्ति की कामनीयता, एक - एक कटाव एवं लोच, केश विन्यास, वस्त्र परिधान, आभूषणों का सौन्दर्य, अंग - अवयवों का संतुलन, भाव - भंगिमाओं का अद्भुत संप्रेषण, क्या किसी भी दर्शक को मंत्रमुग्ध करने में कोई कमी है.??

जिन्होंने इसकी परिकल्पना किए होंगे उनके कल्पनाशीलता का अनुमान लगाया जा सकता है क्या.??

सनातनी पूर्वजों के कला समर्पण के समक्ष कोई भी नत हो जाएगा।

धन्य हैं सनातनी पूर्वज जिनके हाथों इसका निर्माण हुआ.!!!

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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