सनातन धर्म और हम
एक अतुलनीय, अद्वितीय, सौन्दर्यपूर्ण चौमुख शिवलिङ्गम.!!!!
मेवाड़ के महाराजाओं द्वारा निर्मित २५० स्मृति-स्थलों में से एक में स्थापित यह चौमुख शिवलिङ्गम मन्त्रमुग्ध करने वाले हैं।
यहाँ ही छटा अद्भुत एवं निराली है।
यह सम्मोहित करनेवाले स्मृति-स्थल ३५० वर्ष पूर्व उदयपुर में १९ महाराजाओं की स्मृति में बनवाया गया था।
यह दर्शनीय चौमुख शिवलिङ्गम आहड़ (महासतियाँ), उदयपुर, राजस्थान में स्थापित हैं।
इसके एक - एक ईंच में सनातनी शिल्पकारों के कला निपुणता, दक्षता, प्रवीणता झलकता है।
दर्शकों के मुँह से स्वत: ही धन्य धन्य धन्य निकल आया है।
सौंदर्यपूर्ण सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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