सनातन धर्म और हम
माँ पार्वती के इस तपश्चर्या मुद्रा में बने अद्भुत प्रतिमा को देखें.!
इसमें उनके दाएँ पाँव पर ध्यान दें.!
यह भगवान शिव की प्राप्ति हेतु अखण्ड दृढ़ता का द्योतक है।
इसमें दाएँ पाँव का घुटने से मोड़ पीछे की ओर नहीं अपितु आगे की ओर है।
इसमें सनातनी शिल्पकार ने अभीष्ट प्राप्ति हेतु अखण्ड समर्पण भाव और सर्वस्व न्योछावर को इस रूप में निरूपण किया है.!
यह दृश्य अद्भुत अतुलनीय है.!
महान सनातन धरोहर...!!!
जय महामाया भवानी 🙏🌺
जय महाकाल 🙏🌺🚩
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