सनातन धर्म और हम
विश्व के WONDERS (वण्डर्स, आश्चर्य, अजूबों) की खोज कर सूची बनाने वाले को एक बार तो सम्पूर्ण आर्यावर्त का भ्रमण कर मन्दिरों, धार्मिक स्थलों, पुरातन स्मारकों, राजप्रासादों का उचित अवलोकन एवं मूल्यांकन कर सूची बद्ध करना चाहिए था।
परन्तु वामजीवियों के निकृष्ट, घृणित सोच व छल कपट एवं षड्यंत्र के कारण यह हो न सका.!!
अन्यथा WONDERS (वण्डर्स, आश्चर्य, अजूबे) की सबसे बड़ी संख्या आर्यावर्त से ही मिलता।
ये हैं श्री वृहदेश्वर मन्दिर।
देवाधिदेव महादेव को समर्पित है यह विराट मन्दिर।
श्री वृहदेश्वर मन्दिर तंजावूर, तमिलनाडु में स्थित हैं।
इस मन्दिर के निर्माण में चट्टानों को जोड़ने हेतु किसी भी प्रकार के गारे/सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया है।
वास्तव में यह मन्दिर "interloking system" से बने मन्दिर का उत्कृष्ट कृति है।
१,३०,००० टन भार के पाषाण शिलाओं का उपयोग इसे बनाने में किया गया है।
भारत के छः बड़े भूकम्प को झेलने के बाद भी यह ज्यों का त्यों अपने स्थान पर सगर्व खड़ा है।
१५०० वर्षों के झंझावातों को सहने के पश्चात भी यह अकल्पनीय वास्तुशिल्प अपने सम्पूर्ण वैभव के साथ खड़ा है।
इस मन्दिर के विमान जो ८० टन का अलंकृत अखण्ड शिला है, ग्रेनाइट का बना हुआ है, इसे २१६' फीट की ऊँचाई पर लगभग शून्य डिग्री वाले झुकाव से मन्दिर के शिखर पर किस विधि से स्थापित किया गया है यह आज के आधुनिक वैज्ञानिक के लिए भी रहस्य पूर्ण ही है।
इसी लिए कहते हैं जहाँ आधुनिक विज्ञान का सोच समाप्त होता है वहाँ से वैदिक सनातन धर्म सोचना प्रारम्भ करते हैं।
सनातन धर्म संस्कृति के रहस्यमयी लोक और आविष्कार, अनुसंधान पर सनातनियों को गर्व क्यों नहीं हो...??
धन्य है वे सनातनी पूर्वज जिन्होंने अपने अथक परिश्रम से इस कृति का सृजन किया है।
सभी सनातनी मन्दिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाने हेतु केंद्र सरकार पर दबाव बनाएँ.!!
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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