सनातन धर्म और हम
प्राचीन विश्व समुदाय शैव परम्परा से ही संचालित होते थे इसके प्रमाण सम्पूर्ण विश्व में दृष्टिगोचर होते हैं।
भगवान शिव ही उनके आराध्य देव रहे हैं, अतः शिवलिङ्गम और शिव मन्दिरों का मिलना स्वाभाविक है।
जावा, सुमात्रा, बाली, सभी सनातनी संस्कृति परंपरा के ही पुष्पित पल्लवित होते रहे थे।
आज विश्व के सबसे बड़े इस.लामिक अनुयायी वाला देश इंडोनेशिया कभी सनातन संस्कृति परंपरा से ही संचालित था और वे अपने सनातन धरोहरों को आज भी सम्मान सहेज कर रखे हुए हैं।
ये प्राचीनतम भगवान शिव का शिवालय जावा में हैं।
इनका निर्माण काल बारहवीं शताब्दी निर्धारित किया गया है।
यह मन्दिर मजपाहित (MAJAPAHIT) सनातनी साम्राज्य का एक अंश है।
समय के झंझावातों को सह कर भी आज ये समस्त विश्व के समक्ष सनातन के जीवंत साक्ष्य प्रस्तुत कर रहे हैं।
दुर्लभतम सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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