सनातन धर्म और हम
वैदिक सनातन संस्कृति के धरोहरों को किस प्रकार सनतनी द्वारा ही विस्मृत किया गया है उसके दुर्भाग्य का एक जीवंत उदाहरण है आर्यावर्त में रघुनंदन हिल्स, उनाकोटी, त्रिपुरा।
स्थानीय बोली में उनाकोटी का अर्थ है "एक कोटि से एक कम" अर्थात १००००००० - १ = ९९९९९९९ की संख्या।
माउण्ट रशमोर नेशनल मेमोरियल, साउथ डकोटा, अमेरिका विश्वविख्यात है क्योंकि वहाँ एक पहाड़ को काटकर अमेरिका के राष्ट्रपति वाशिंगटन, जेफरसन, रूजवेल्ट और लिंकन के मुखाकृति को बनाया गया है। इसके निर्माण में सभी आधुनिक यंत्रों और तकनीकी का उपयोग किया गया है।
किन्तु जब विश्व के लोगों को लिखना पढ़ना तक नहीं आता था उस समय सनातनी शिल्पकारों ने उनाकोटी के रघुनंदन पहाड़ों पर १००० भगवान के मूर्तियों का निर्माण अलग अलग भाव भंगिमाओं में कर चुके थे।
इन अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय निर्माण का समय निर्धारित नहीं किया गया है। सबसे बड़ा प्रश्न है कि जब एक दो मूर्तियों के निर्माण में वर्षों लग जाता है तो ये सम्पूर्ण निर्माण कितने वर्षों में किये गए होंगे.?? वे कौन थे जिन्होंने इस अकल्पनीय मूर्तियों का निर्माण किए.???
कितना दुर्भाग्यपूर्ण विडंबना है कि हमारे देश के अधिकांश लोगों को यह ज्ञात नहीं है कि यह अविश्वसनीय अकल्पनीय मूर्तियाँ भारत में है, पर वहाँ माउंट रशमोर सबों को ज्ञात है।
वामपंथियों और कांग्रेसियों ने फिरंगियों के जाने के उपरांत भी इसे न तो पाठ्यक्रम में समाहित किया न ही इसे पर्यटकों के लिए विज्ञापित/प्रदर्शित/प्रकाशित किया।
रघुनन्दन पहाड़ों में चट्टानों पर निर्मित इस विशाल श्री गणपति जी की मूर्ति को देखें और आप स्वयं इसकी तुलना माउण्ट रशमोर से करें...!! आप ही निर्णय लें कि अकल्पनीय कौन सा है.??
अकल्पनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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