सनातन धर्म और हम
आज आधुनिक विज्ञान को अपने मापन प्रणालियों (S.I. Units) पर घमंड है।
परन्तु जब इस मापन प्रणाली को स्थापित नहीं किया गया था या कहें जन्म भी नहीं हुआ था तब हमारे सनातनी पूर्वजों ने समरूपता और सम्पूर्णता का अद्वितीय कीर्तिमान स्थापित किया था।
यह चतुर्भुज मन्दिर भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है।
श्री चतुर्भुज मन्दिर, ओरछा, मध्यप्रदेश में स्थित है।
(चित्र - साभार)
इस मन्दिर के निर्माण के समय शिल्पकला और वास्तुकला किस उच्चतम स्तर का होगा इसका अनुमान इसे देखकर ही लगाया जा सकता है।
इसके निर्माण प्रक्रिया में जिस प्राचीन वैदिक ज्योतिष गणना और मापन प्रणाली का उपयोग किया गया है उसी का परिणाम है कि यह संपूर्ण निर्माण त्रुटि रहित है।
नमन है सनातनी शिल्पकारों/वास्तुकारों को जिन्होंने इसकी परिकल्पना कर उसे साकार रूप में गढ़ा।
और साधुवाद है उन नरेशों को जिन्होंने इस कला को संरक्षण दिया और यह अद्वितीय निर्माण करवाया।
वैभवशाली सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय श्रीमन्नारायण🙏🌺
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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