सनातन धर्म और हम

मन्दिर को zoom करके इसके एक एक मूर्तियों, कलाकृतियों, ज्यामितीय संरचनाओं को ध्यानपूर्वक देखें और इसे एक रेखाचित्र के रूप में कागज पर उकीर्ण करने का प्रयास करें..!!

क्या आप इसे उकेर पाए.????

है न असम्भव.!!!

अब यह विचारणीय प्रश्न है कि जिस मन्दिर की संरचना को हम कागज पर उकेर नहीं पा रहे हैं उसे सनातनी शिल्पकारों, वास्तुकारों ने सहस्रों वर्षों पूर्व बने प्राचीन काल में बिना आधुनिक तकनीक के किस विधि से निर्मित किए होंगे.???

और यह भी ध्यान रखें कि यह मन्दिर सबसे कठोर बेसाल्ट चट्टानों को काटकर निर्मित किया गया है।

जिस बेसाल्ट चट्टानों को आधुनिक लेज़र तकनीक से काटने में इतनी कठिनाई होती है तो प्राचीन काल में किस प्रकार चट्टानों पर मूर्तियों, कलाकृतियों को गढ़ा गया होगा.??

यह मन्दिर आज से लगभग एक सहस्र वर्ष पूर्व बारहवीं शताब्दी में बनवाया गया है।

श्री कोपेश्वर मन्दिर, खिद्रपुर, कोल्हापुर जनपद, महाराष्ट्र।
(चित्र - साभार)

मन्दिर निर्माण में लगे परिश्रम और कलाकारों के निपुणता, प्रवीणता अचंभित करते हैं और सनातनी पूर्वजों के सम्मान में मस्तक नत हो जाता है।

वैभवशाली सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

Comments

Popular posts from this blog

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम