सनातन धर्म और हम
चातुर्मास चल रहा है।
श्री हरि नारायण विष्णु संपूर्ण सृष्टि संचालन के कार्य को भगवान शिव परिवार को सौंप क्षीर सागर में योगनिद्रालीन हैं।
सृष्टि का संचालन देवोत्थान एकादशी तक प्रभु महादेव परिवार ही सभी संचालन करेंगे।
शिव भक्ति में आईए एक अद्वितीय, अद्भुत शिवलिङ्गम के दर्शन लाभ प्राप्त करें।
(इन्हें ज़ूम कर के देखें)
यह पञ्चमुख दर्शन स्थल, अरुणाचलम तिरुवन्नामलाई, तमिलनाडु में स्थापित हैं। (चित्र - साभार)
इस दुर्लभतम शिवलिङ्गम का जल-लहरी (अरघा) ऐसा है जैसे कोई पद्मासन लगाकर बैठा हो।
ये पद्मासन वाले पाँव किसी देवी के हैं (पुरुष के नहीं हैं)।
सनातनी शिल्पकार ने आराध्य देव के प्रेरणा से इसे इस प्रकार निर्मित किया है जैसे कोई देवी (जया) अपने भीतर शिव को प्राप्त कर पद्मासन लगाकर साधना में लीन हो।
या फिर उस तपस्विनी देवी से ही उनकी त्पश्चर्या के प्रभाव से शिवलिङ्गम प्रकट हो रहे हैं।
दोनों पाँवों का निर्माण अत्यंत ही कलात्मक और सौंद्रयपूर्ण ढंग से किया गया है।
इस अद्वितीय शिवलिङ्गम का दिव्य ऊर्जा समस्त जगत को आनंदित कर रहा है।
अनमोल सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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