सनातन धर्म और हम

आर्यावर्त के पश्चिमी घाट पर स्थित प्राकृतिक सौंदर्य का राज्य "गोवा" जो कभी शैव परम्परा का मुख्य केंद्र रहा था।
कभी सोचा है कि यह राज्य अचानक कैसे "सफेदा चलन" में धर्मान्तरित हो गया.???

पुर्तगालियों द्वारा गोवा पर आक्रमण के पश्चात सनातनियों का जमकर नरसंहार किया गया।
असंख्य सनातनियों को जीवित ही जला दिया गया।
सनातनियों के मन्दिरों, धर्मस्थलों को विध्वंस, भ्रष्ट - ध्वस्त किया गया।

किन्तु, सनातन धर्म के प्रमाणों को आजतक न तो कोई समाप्त कर पाया है ना ही कर पाएगा।

इसीलिए सघन वन के मध्य आज भी गोवा के सबसे प्राचीन श्री महादेव मन्दिर अपने सम्पूर्ण भव्यता के साथ गर्व से खड़ा है।
(चित्र - साभार)

श्री महादेव मन्दिर, तांबड़ी सुरला, गोवा का एकमात्र "कदम्ब-यादव" वास्तुशिल्प का कल्पनातीत, कालातीत आदर्श उदाहरण है जो बेसाल्ट चट्टानों से निर्मित है और आजतक संरक्षित है।
दक्कन के पठारों में बेसाल्ट चट्टान बहुतायत में उपलब्ध है उन्हीं चट्टानों को यहाँ लाकर शिल्पकारों ने कदम्ब शैली में इस भव्य मन्दिर का निर्माण किया है।

पश्चिमी घाट के सुदूर घने जंगलों में छुपे होने के कारण ही पुर्तगाली विधर्मी आक्रांताओं से यह एकमात्र मन्दिर अछूता रह गया और आज भी उस गौरवपूर्ण अतीत की गाथा कह रहा है।

श्री महादेव मन्दिर बारहवीं शताब्दी में निर्मित एक शैव मन्दिर है जो परमपिता देवाधिदेव महादेव को समर्पित है।

यह महादेव मन्दिर आज भी शिव भक्तों के आस्था भक्ति का सक्रिय और महत्त्वपूर्ण केन्द्र है।

यह मन्दिर ASI द्वारा संरक्षित राष्ट्रीय धरोहर है।

वैभवशाली सनातन धरोहर....!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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