सनातन धर्म और हम
आर्यावर्त में जितने मन्दिरों को मुगलों ने क्षतिग्रस्त और ध्वस्त किया है उनके भग्नावशेषों को देख नेत्र सजल हो जाते हैं।
यह भग्नावशेष श्री रुद्र महालय मन्दिर का है।
इस मन्दिर का निर्माण पश्चिमी चालुक्य साम्राज्य के नरेश मूलराज ने ९४३ ई. में आरम्भ करवाया था और यह जयसिम्ह सिद्धराज के शासन काल में ११४० ई. में सम्पूर्ण हुआ।
किन्तु मुगलों ने अपनी सनातन धर्म के प्रति शत्रुता में इस भव्य मन्दिर को छिन्न भिन्न कर ध्वस्त कर दिया।
इस मन्दिर को रुद्रमाल मन्दिर भी कहा जाता है। यह मन्दिर भग्नावशेष सिद्धपुर, पाटण जनपद, गुजरात में स्थित है।
Zoom करके देखें.!! इस अविश्वसनीय शिल्पकला को देख सनातनी शिल्पकारों के लिए आप भी धन्य धन्य कह उठेंगे।
वैभवशाली सनातन धरोहर के भग्नावशेष....!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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