सनातन धर्म और हम
क्या आपको भान भी है कि जिस काल में विश्व की अधिकांश जनसंख्या अपनी नग्नता को चर्म और पत्तों से ढँकती थी।
और अपने रहने के लिए किसी आवास नहीं, प्राकृतिक कंदराओं में शरण ढूँढती थी।
उसी काल में हमारे सनातनी पूर्वजों ने सम्पूर्ण पहाड़ों को काटकर अपने हाथों से अकल्पनीय गुफाओं का निर्माण कर डाला था।
यह सत्यता वामजीवीयों ने आपसे छुपाए रखा।
यह निर्माण आज से दो सहस्र वर्ष पूर्व दूसरी शताब्दी में सनातनी शिल्पकारों द्वारा रचा गया है।
इस अद्भुत गुफाओं का निर्माण सनातनी शिल्पकारों ने अजंता गाँव से तीन किमी दूर सघन वनों में पहाड़ों को काटकर बिना आधुनिक तकनीक और आधुनिक यंत्रों के किया है।
इस निर्माण की तुलना भी विश्व के किसी अन्य निर्माणों से करना इनके वास्तुशिल्प का अपमान ही प्रतीत होता है।
क्योंकि ये निर्माण अतुलनीय हैं।
ये चमत्कृत करने वाले नयनाभिरामी गुफाएँ (अजंता-एलोरा), अजंता गाँव, सम्भाजी नगर जनपद, महाराष्ट्र में स्थित है।
यह अपने अनमोल कलाकृतियों के कारण वर्तमान में एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल और शोध कर्ताओं के लिए दर्शनीय स्थल है।
इसे देखिए और गौरवशाली अतीत के कल्पनाओं में खो जाइए।
सनातनी पूर्वजों को नमन है।
अतुलनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
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