सनातन धर्म और हम
समस्त विश्व में शैव परम्परा में भगवान शिव के भक्तों ने अपने आराध्य देव के लिए जो भी मन्दिर निर्माण किए हैं वे अतुलनीय हैं।
इसका एक अद्वितीय अकल्पनीय उदाहरण श्री दुलादेव मन्दिर हैं।
श्री दुलादेव मन्दिर, खजुराहो, मध्यप्रदेश में स्थित है।
श्री दुलादेव मन्दिर को दूल्हादेव मन्दिर के नाम से भी जाना जाता। (चित्र - साभार)
श्री दुलादेव मन्दिर देवाधिदेव महादेव को समर्पित है और सनातन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण मन्दिर है।
Zoom करके ध्यान से देखें...!!
इसमें बने हुए लघु मूर्तियों को देखें...!
देव, देवियों, नर्तक नर्तकियों के सुस्पष्ट भाव-भंगिमाओं में गढ़ी गई मूर्तियाँ कितनी जीवन्त प्रतीत होती हैं।
इसमें किए गए सूक्ष्म कलाकृतियों, पुष्प, बेल-बूटों के निर्माण में कितना परिश्रम और समय लगा होगा, क्या कोई अनुमान लगा सकता है.?
किन यंत्रों से इन्हें गढ़ा गया होगा, सोच कर ही रोमांच होता है, क्योंकि उस समय तो आधुनिक तकनीक का लेजर कटर और इलेक्ट्रिक ड्रिलर भी नहीं था।
यह सनातनी पूर्वजों के वास्तुशिल्प का अप्रतिम प्रमाण है।
क्या ताजमहल इसकी तुलना में श्रेष्ठ है.??
सोचने पर सनातनी पूर्वजों के सम्मान में मस्तक नत हो जाता है।
वैभवपूर्ण सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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