सनातन धर्म और हम
सनातन संस्कृति की अनेकों विलक्षणताएँ जो आपके चमत्कृत कर देंगे.!! विस्मयकारी प्रतीत होंगे.!! कौतूहल उत्पन्न करेंगे.!!
यह दिव्य पवित्र आम का वृक्ष श्री एकम्बरेश्वर शिव मन्दिर परिसर में स्थित है।
श्री एकम्बरेश्वर शिव मन्दिर परम् पिता देवाधिदेव महादेव को समर्पित है।
ऐसा माना जाता है कि यह वृक्ष साढ़े तीन सहस्र वर्षों से भी अधिक प्राचीन है।
इस वृक्ष में एक अद्वितीय विशिष्टता है।
ऐसी मान्यता है कि सनातन धर्म को निर्देशित करने वाले आदि ग्रँथ का इस वृक्ष से अटूट सम्बंध है।
इस वृक्ष की चार शाखाएँ चारों वेद ऋगवेद, सामवेद, यजुर्वेद, व अथर्ववेद के प्रतिनिधित्व करते हैं।
अब चारो वेद के सार भिन्न-भिन्न हैं तो आश्चर्यजनक रूप से इन चारों शाखाओं के फलों के स्वाद भी अलग-अलग होते हैं।
जब वृक्ष एक ही तो फलों के स्वाद में यह भिन्नता क्यों.? इसका समुचित उत्तर किसी के पास नहीं है।
कहीं यह प्रभाव इस मन्दिर से उत्पन्न दिव्य ऊर्जा के कारण ही तो नहीं.??
रहस्यपूर्ण सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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