सनातन धर्म और हम
कुरु कुमारों के गुरु आचार्य द्रोण ने जिस कन्दरा में रहकर भगवान शिव का आराधना, पूजन, तपश्चर्या किए थे उस कन्दरा को "द्रोण गुफा" के नाम से जाना जाता है (महाभारत)।
इसी कन्दरा में अतिप्राचीन स्वयम्भू शिवलिङ्गम हैं .!!!
यह शिवलिङ्गम श्री टपकेश्वर महादेव के नाम से सुविख्यात हैं।
यह कन्दरा भी प्राकृतिक रूप से निर्मित है।
श्री टपकेश्वर महादेव आसन नदी (मौसमी नदी) के तट पर देहरादून के पास स्थित हैं।
श्री टपकेश्वर महादेव का अभिषेक प्रकृति स्वयं करती हैं।
इस कन्दरा के छत से जल की बूंदें सतत शिवलिङ्गम पर गिरती रहती हैं।
जल की बूंदों के अनवरत टपकने से इस शिवलिङ्गम का अभिषेक होने के कारण इसे श्री टपकेश्वर महादेव कहा जाता है। (चित्र - साभार)
यह आराध्य देव का एक दर्शनीय पवित्र शिवालय है।
रोमांचकारी सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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