सनातन धर्म और हम

माता सती के दक्ष प्रजापति के यज्ञ कुण्ड में आत्मदाह के पश्चात भगवान शिव उनके मृत देह को अपने कन्धे पर उठा रुद्रताण्डव करने लगे। तब सृष्टि को संहार से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने अपने अपने सुदर्शन चक्र से उस मृत देह को कई खण्ड में विभक्त कर दिए।

जहाँ जहाँ माता के अंग गिरे वहाँ वहाँ शक्तिपीठ हैं। कुल ५१ शक्तिपीठ हैं। किन्तु स्थानीय लोगों के मान्यताओं पर कुछ ऐसे भी माता के स्थल हैं जिन्हें वे शक्तिपीठ मानते हैं।

श्री महाकाली शक्तिस्थल, कालिका धाम को भी सिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है।

श्री महागौरी माता मन्दिर, शिमलापुरी, लुधियाना, पंजाब।

श्री महागौरी माता मन्दिर में माँ जगततारिणी, भयहारिणी, भवतारिणी श्री दक्षिणेश्वरी काली माँ की दिव्य प्रतिमा स्थापित हैं।

इस मन्दिर की चमत्कारी विशिष्टता है कि संध्या आरती के समय माँ के नेत्र हिलते हैं।

इस अद्भुत दृश्य को लाखों भक्तों ने अपने आँखों से देखा है और वे इस चमत्कार के साक्षी हैं।

यहाँ माँ स्वयम्भू पिण्डी के रूप में विराजमान हैं।

लोगों को इस धाम में अनन्य श्रद्धा है और यहाँ भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती हैं।

या देवि सर्वभूतेषु शक्तिरुपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः.!!

अद्भुत सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म 🙏🚩

जय माँ भगवती महाकाली 🙏🌺

जय महाकाल 🙏🔱🚩
#प्रेमझा

Comments

Popular posts from this blog

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम

सनातन धर्म और हम