सनातन धर्म और हम
भारतवर्ष में हर ओर "आश्चर्य" (WONDER) ही बिखरे, फैले हुए हैं।
केवल आकलन को सामर्थ्यवान दृष्टि होनी चाहिए।
ऐसा ही एक अविश्वसनीय, अद्भुत WONDER है "रानी जी की बाबड़ी" या वाव....
रानी जी की बावड़ी, पाटन, गुजरात।
लगता है इस दुनिया के सात अजूबों का नाम रखने वालों ने कभी हमारी रानीजी की बावड़ी की यात्रा नहीं की।
सोचिए कि जिन्होंने इस निर्माण का परिकल्पना किया होगा उनका बौद्धिक स्तर कितना उच्च रहा होगा।
पानी की शुद्धता को उजागर करने वाले एक उल्टे मंदिर के रूप में डिजाइन किया गया कदम अपने आप में अद्वितीय है।
मूर्तिकला पैनलों के साथ सीढ़ियों के ७ स्तरों में विभाजित है।
यह ६४ × २० × २७ घन मीटर के माप में है।
रानीजी की बावड़ी गुजरात के पाटन में स्थित एक कुआं है, जो सरस्वती नदी के तट पर स्थित है।
इसके निर्माण का श्रेय सौराष्ट्र के खेंगारा की बेटी "उदयमती" को दिया जाता है, जो ग्यारहवीं शताब्दी के चौलुक्य वंश की रानी और भीम प्रथम की पत्नी हैं।
अतुलनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल 🙏🔱🚩
Comments
Post a Comment