सनातन धर्म और हम
"चमत्कार" तो हर पल हर युग में हर ओर घटित होता रहा है।
बस उसे देखने की दृष्टी होना चाहिए।
अब इसे देखें.......
सनातन वास्तु शिल्प कला को किसी सीमा में नहीं बाँधा जा सकता है...!!
सम्पूर्ण विश्व में इसके अनेकानेक उदाहरण हैं।
लाखामण्डल मन्दिर में एक ऐसा अतिदुर्लभ शिवलिङ्ग है जिसपर जलाभिषेक करने के उपरांत आप अपना प्रतिबिम्ब शिवलिङ्ग में स्पष्ट देख सकते हैं।
वैसे तो भगवान शिव के मन्दिर सम्पूर्ण विश्व में कई स्थलों पर निर्मित हैं।
किन्तु आर्यावर्त में एक ऐसा स्थल है जहाँ करोड़ों वर्ष प्राचीन अद्वितीय शिवलिङ्ग हैं।
मान्यता है कि इस शिवलिङ्ग में सम्पूर्ण "ब्रह्माण्ड" दृश्यमान होते हैं।
किसी पाषाण से दर्पण सदृश निर्माण का यह सम्भवतः सम्पूर्ण विश्व में एकमात्र आदर्श उदाहरण है।
उत्तराखण्ड के देहरादून स्थित लाखामण्डल मन्दिर में स्थापित इस शिवलिङ्ग का जब भक्त जलाभिषेक करते हैं तो उन्हें सृष्टि का पूर्ण स्वरूप दिखता है।
(क्या यह आपके चमत्कार नहीं लगता है.??)
यहाँ के लोगों का मानना है कि इस शिवलिङ्ग पर अपनी छवि देखने मात्र से सारे पाप कट जाते हैं। (चित्र - साभार)
प्रकृति के उपवन में बसा यह ग्राम लाखामण्डल देहरादून से १२८ कि.मी. की दूरी पर स्थित श्री यमुनाजी नदी के तट पर है।
मन को लुभाने वाला यह प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल कन्दराओं व भगवान शिव के मन्दिर के प्राचीन अवशेषों से घिरा हुआ है।
मान्यता है कि इस मन्दिर में पूजन, अर्चन, प्रार्थना करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
यहाँ पर खुदाई में विभिन्न आकार प्रकार के तथा अलग अलग ऐतिहासिक काल के शिवलिङ्ग प्राप्त हुए हैं।
अकल्पनीय सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म🙏🚩
जय महाकाल🙏🔱🚩
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