सनातन धर्म और हम

सनातन वास्तुशिल्प कितना अद्भुत, अकल्पनीय और रहस्यमय रहा है इसका प्रमाण तो यत्र-तत्र-सर्वत्र व्याप्त है।

श्री नेल्लीअप्पयर मन्दिर, तिरुनेलवेली, तमिलनाडु के ४८ विलक्षण खम्भों में से प्रत्येक को एक अखण्ड पाषाण शिला से निर्मित किया गया है।
(चित्र-साभार)

सनातनी शिल्पकला कितना वैज्ञानिक था इसका जीवंत साक्ष्य यह खम्भे हैं।

इन खम्बों निर्माण इस प्रकार किया गया है कि इनसे शास्त्रीय संगीत के सभी सात सुरों :-
षड़ज,
ऋषभ,
गान्धार,
मध्यम,
पंचम,
धैवत,
निषाद,
का शुद्ध ध्वनि उत्पन्न होता है।

ध्यान रखें, यह निर्माण १३०० वर्ष पूर्व किया गया है।

गर्व करें कि वैदिक काल में जो भी हमारे सनातनी पूर्वजों ने बनाकर हमें सौंप गए हैं उनकी प्रतिकृति भी आज वर्तमान समय में आधुनिक विज्ञान से नहीं बनाया जा सकता है।

अकल्पनीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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