सनातन धर्म और हम
यदि अन्य पंथ मजहब के अनुयायी के साथ हिनू की तुलना किया जाए तो परिणाम बड़ा ही वेदनादायक प्रतीत होता है।
अन्य पंथ मजहब के अनुयायी जहाँ जीवन में समृद्ध होने पर अपने पंथ मजहब के प्रति समर्पण भाव से अधिक आकृष्ट व समर्पित होते हैं वहीं हिनू समृद्ध होते ही सिकुलरिज्म वायरस से संक्रमित हो अपने धर्म से छिटक कर दूर बहुत दूर होता जाता है।
अन्य पंथ मजहब के अनुयायी अपने धार्मिक स्थल के देख-रेख को प्रथम प्राथमिकता देते हैं जबकि हिनू को समृद्ध होते ही घर, वाहन, मोबाईल फोन की ललक होती है धर्म स्थल के लिए सोचने का तो समय ही नहीं मिलता है।
यह अति प्राचीन दुर्लभतम शिवलिङ्गम परळी (महाराष्ट्र) में सज्जनगढ़ गाँव के निकट प्राचीन मन्दिर के गर्भगृह में स्थापित है।
यह मन्दिर किस कालखण्ड का है, इसका कोई निश्चित प्रमाण किसी के पास नहीं है।
परन्तु मन्दिर की वास्तुकला बहुत ही अद्भुत है।
मन्दिर के भीत, स्तंभों पर उकेरे हुए सूक्ष्म रचनाओं को बहुत ही निपुणता से गढ़ा गया है।
मन्दिर के शिखर और कलश की कलाकृति सनातनी शिल्पकार के विशेषज्ञता को स्वतः प्रमणित करता है।
शिवालय के बाहर ही नन्दी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई थी जो अब भग्न अवस्था में है।
इतना विशिष्ट निर्माण होने पर भी मन्दिर जीर्ण शीर्ण अवस्था में उपेक्षित है।
यदा कदा शिव भक्त अपने प्रभु के शिवलिङ्गम का पूजन करने जाते हैं।
इस मन्दिर के जीर्णोद्धार हेतु सामूहिक प्रयास की अतीव आवश्यकता है।
जब तक पुनः कोई भागीरथ, कोई पुष्यमित्र शुंग नहीं आता तब तक यह अतुलनीय मन्दिर अपने अवस्था पर आँसू बहाने को अभिशप्त है.!!!
वैभवशाली भग्न सनातन धरोहर...!!
जय सनातन धर्म 🙏🚩
जय महाकाल 🙏🌺🚩
Comments
Post a Comment