सनातन धर्म
सभी आधुनिक शिक्षा में प्रयुक्त पाठ्य पुस्तकों में यही लिखा है कि 'औद्योगिक क्रांति' यूरोप में हुआ था और अधिकांश यांत्रिकी सेवा उसी की देन है। वहीं जब बात नवाचार और अन्वेषण की करें तो सबसे अधिक 'पेटेंट' अमेरिका के नाम पर है। इसके अतिरिक्त यह भी कहा जाता है कि अंतरिक्ष से संबंधित यांत्रिकी एवं तकनीकी का विकास उन्नीसवीं शताब्दी में अमेरिका/रूस के नाम से ही है। अब एक बार संलग्न चित्र पर ध्यान दें......!!!! ये अंतरिक्ष यात्री आर्यावर्त के मन्दिरों में कई सहस्र वर्ष पूर्व बने हुए हैं। (चित्र - साभार) अब आप विचार करें कि जैसा आर्यावर्त के मन्दिरों में निर्मित मूर्तियों को दिखाई देता है ठीक वैसा ही अंतरिक्ष उपकरण आधुनिक युग में विज्ञान ने कैसे और क्यों बनाया.?? आश्चर्य चकित हो गए हैं ना.!?! वास्तविकता में हमारे सनातनी मन्दिर मात्र आस्था पूजन का धर्मिक स्थल नहीं रहा है। अपितु शिक्षा, पठन पाठन, ज्ञान विज्ञान, शोध अनुसंधान का सर्वोच्च संस्थान और केन्द्र रहा है। ये भिन्न बात है कालांतर में विदेशी आक्रांताओं के आक्रमण और पराधीनता के कारण यह व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त हो कर रह गया।...