सनातन धर्म और हम
सनातन धर्म संस्कृति के गूढ़ रहस्यों को अनावृत करना आज के आधुनिक विज्ञानियों के लिए असम्भव ही प्रतीत होता है। अनेक अबूझ पहेली हैं जो आधुनिक विज्ञानियों को चकित कर रहे हैं। ऐसा ही एक रहस्यमयी श्री अचलेश्वर महादेव मन्दिर हैं। यह मन्दिर धोलपुर, राजस्थान में स्थित हैं। (चित्र – साभार) श्री अचलेश्वर महादेव मन्दिर भारतवर्ष के सबसे पुरातन मन्दिरों में से एक हैं। इसका इतिहास ढाई सहस्र वर्षों से अधिक प्राचीन है। इस मन्दिर के रहस्यमय शिवलिङ्गम का रङ्ग दिन में तीन बार प्रवर्तित हो जाता है। इस शिवलिङ्गम का रङ्ग पूर्वाह्न में लाल, मध्याह्न में केशरिया व अपराह्न में श्याम (काला) रङ्ग का हो जाता है। समय के साथ इनके स्थिति में भी कुछ परिवर्तन होते हैं। इनके निर्माण कर्ता के पाषाण ज्ञान की कल्पना मात्र से रोमाञ्च अनुभव होता है। ध्यान रखें सनातनियों के मन्दिर केवल आराधना पूजन स्थल ही नहीं थे बल्कि अनुसंधान के उच्च केन्द्र थे। अतुलनीय सनातन धरोहर...!! जय सनातन धर्म🙏🚩 जय महाकाल 🙏🔱🚩 #प्रेमझा