सनातन धर्म और हम
सनातनी पूर्वजों के लिए धर्म का स्थान सर्वोपरि रहा था। अपने आराध्य देव के प्रति आस्था और समर्पण उच्चतम स्तर पर होने से ऐसा अकल्पनीय शिल्प का निर्माण सम्भव हो पाया। ये मूर्ति श्री चेन्नाकेशव मन्दिर में स्थित हैं। बेलूर, हसन जनपद, कर्नाटक। (चित्र – साभार) चेन्ना केशव का शाब्दिक अर्थ है "सुन्दर केशव" अर्थात सुन्दर विष्णु/नारायण। चेन्नाकेशव मन्दिर की स्थापना का श्रेय होयसल नरेश विष्णुवर्धन को जाता है जिन्होंने १११६ ई. में चोलों पर अपनी जीत के उपलक्ष्य में इसका निर्माण कराया था। चेन्नाकेशव मन्दिर का निर्माण होयसल साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी बेलूर में यागाची नदी के तट पर किया गया था। चेन्नाकेशव मन्दिर को केशव मन्दिर या बेलूर का विजयनारायण मन्दिर भी कहा जाता है। Zoom करके देखने पर इसमें कोई भी १" ईंच का भाग भी बिना नक्काशी के नहीं है। ध्यान रहे... यह सम्पूर्ण निर्माण बिना किसी विद्युत चालित यंत्रों के स्वहाथों से ही किया गया है। उस लुप्त पाषाण वास्तुशिल्प विधा के बारे में सोचकर ही मन पुलकित हो जता है, रोमांच से भर जाता है। किन्तु दुर्भाग्य से विधर्मियों ने उन दिव्य ज्ञान से प...