सनातन धर्म
देव सरिता माँ नर्मदा के तट पर देवाधिदेव महादेव का ज्योतिर्लिङ्ग ओम्कारेश्वर स्थित हैं। यह सुविख्यात ज्योतिर्लिङ्ग मध्यप्रदेश में स्थापित हैं। इसी ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग के मन्दिर में एक अतिदुर्लभ भगवान शिव का प्रतिमा उकीर्ण है। यह भगवान शिव का अद्वितीय अष्टभुजी प्रतिमा हैं। (चित्र-साभार) भगवान शिव के इस प्रतिमा के हाथों में त्रिशूल, डमरू, नाग, गदा, मुण्ड खप्पड़, व कमल सुशोभित हैं। दो हाथ नृत्य मुद्रा में हैं। इनके पाद भी नृत्य मुद्रा में हैं। प्रभु अपने बाँये पाँव पर खड़े हैं व दायाँ पाँव नृत्य की मुद्रा में ऊपर उठे हुए हैं। इस सम्पूर्ण प्रतिमा के मुखमण्डल, अंगविन्यास, आभूषणों, आयुधों, भाव भंगिमाओं में सनातनी शिल्पकार का निपुणता व उत्कृष्टता स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। अप्रतिम सनातन धरोहर...!! जय सनातन धर्म🙏🚩 जय महाकाल 🙏🔱🚩 #प्रेमझा